कुछ अल्फाज़
खड़ी रह गई गाड़ियां, बसें और जहाज...
फालतू एक पल में सारा सामान कर दिया...
कहां बैठ के लिख रहा है लेख सारा....
खुदा हमको तो तूने हैरान कर दिया़ ....
सब आस्तिक नास्तिक देख रहे हैं..
मालिक एक है ,ये तूने ऐलान कर दिया..
एक मिनट का जिसके पास समय ना था..
कैद घरों में वो इंसान कर दिया......!
अब तेरी रजा है और तू ही जानता है..
हमारा फायदा किया तूने या नुकसान कर दिया..!!!
फालतू एक पल में सारा सामान कर दिया...
कहां बैठ के लिख रहा है लेख सारा....
खुदा हमको तो तूने हैरान कर दिया़ ....
सब आस्तिक नास्तिक देख रहे हैं..
मालिक एक है ,ये तूने ऐलान कर दिया..
एक मिनट का जिसके पास समय ना था..
कैद घरों में वो इंसान कर दिया......!
अब तेरी रजा है और तू ही जानता है..
हमारा फायदा किया तूने या नुकसान कर दिया..!!!
- एक पल में, वहां से हम उठे...
बैठने में जहां ,जमाने लगे...!!!
- शब्दों के इत्तेफाक में ,
यूं बदलाव करके देख..
तू देख कर न मुस्कुरा ,
बस मुस्कुरा कर देखें...!!
- मिजाज़ यूँ हीं ना ..
चिड़चिड़ा कीजिए..!
कोई बातें छोटी करें..
तो दिल बड़ा कीजिए..!!





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